केले के गुणकारी लाभ

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केले के गुणकारी लाभ  केला बहुत ताकतवर फल है। इससे अनेकों प्रकार के लाभ है अधिक से अधिक लाभ को जानने के लिए नीचे दिए गए पोस्टों को ध्यानपूर्वक पढ़िए केला एक फल है जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। नीचे दिए गए हैं कुछ महत्वपूर्ण केले के लाभ: 1.बनाना शरीर के ऊर्जा स्तर को बढ़ाता है। 2.यह रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। 3.केला अम्लता को कम करने में मदद करता है। 4.यह सेहत के लिए जरूरी विटामिन ए, सी और बी6 का एक अच्छा स्रोत है। 5.केले में फाइबर की मात्रा होती है जो पाचन के लिए बेहद फायदेमंद होता है। 6.केला सेहतमंद और चमकदार त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है। 7.केले में अधिक मात्रा में पोटेशियम होता है जो हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। 8.केला खाने से पाचन तंत्र सुधारता है। 9.केले में शांतिदायक गुण होते हैं जो तनाव को कम करने में मदद करते हैं। 10.केला आपके दिमाग को ताकतवर बनाता है। 11.केले में विटामिन बी की मात्रा होती है जो निरोगी बालों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। 12.केले में आयरन होता है| जो खून बढ़ाता है  केला वजन बढ़ाने के लिए वजन बढ़ाने के लिए केला ...

एलोवेरा या घृतकुमारी के गुण

 एलोवेरा

एलोवेरा कोई साधारण पौधा नहीं है| एलोवेरा को आयुर्वेद में रसायनों में गिना जाता है| प्रकृति ने इन औषधियों को मनुष्य के लाभ के लिए बनाया है| इसे आयुर्वेद में सबसे अच्छा दर्जा दिया जाता है| इसलिए इसे औषधियों का 'महाराजा' कहा गया है| यह औषधि प्राचीन काल से ही भारत में पाई जाती है| वैद्य इसे जादू की छड़ी ,जादुई पौधा आदि अनेकों नाम से पुकारते हैं| हमारे भारत में यह औषधि संजीवनी बूटी के नाम से भी जाना जाता है| प्राचीन भारत में एलोवेरा को अनेकों नाम से जाना जाता है जैसे- घीकवार , कुमारीका, ग्वारपाठा, घृतकुमारी कुवार गंदल , एलोवेरा इत्यादि|
भारत वासियों के लिए घृतकुमारी कोई नई चीज नहीं है इसका इतिहास 5000 से 6000 वर्ष पुराना है| हमारे पूर्वज इससे एक मुख्य औषधि के रूप में इस्तेमाल किया करते थे| आजकल के समय में भी इस औषधि को हमारे दैनिक जीवन में अनेकों प्रकार से उपयोग किया जाता है| तथा आयुर्वेद की दवाइयों में भारी मात्रा में इसका प्रयोग किया जाता है| यह औषधि आज के दिनों में  एक उत्तमा औषधि मानी जाती है एलोवेरा का उपयोग गांव के साथ-साथ शहर के लोग भी करने लगे हैं|

एलोवेरा सेेे अनेक बीमारियां ठीक हो सकती हैं| डॉक्टरों द्वारा यह बात प्रमाणित की गई है| कि कई बार हमारी आंतों की अच्छी तरह सेेे सफाई नहीं होती जिसके कारण हमें कई तरह की बीमारियां पकड़़ लेती है| एलोवेरा आंतों में जमे इस मैल को साफ करता है| और आतो को पौष्टिकता देता है|

एलोवेरा के उपयोग से होने वाले फायदे-

 1. सिर दर्द के लिए-

सिर दर्द करने पर एलोवेरा के रस या गूदे मे थोड़ा सा हल्दी का चूर्ण मिला लें| फिर उसे गर्म करके पीड़ा के स्थान पर बांधे|
इससे वातज तथा कफज शिर: शूल में लाभ होता है|

2. मूत्रदाह के लिए- 

एलोवेरा के पत्तों का गोद 1 किलो, कलमी शोरा 240 ग्राम तथा यवक्षar   60 ग्राम इन तीनों को मिलाकर एक साफ मिट्टी के पात्र में ढक कर रख दे| फिर इस मिट्टी के बर्तन को धूप में रख दें कुछ समय रखने के बाद पात्र के ऊपर, चारों ओर, सफेद छार जमा हुआ मिलेगा| इसको इकट्ठा करके शीशी में भर लें इस कुमारी  योग का नारियल के जल या साधारण जल के साथ सेवन करने से पेशाब की जलन दूर हो जाती है और मूत्र सामान्य होने लगता है|

3. दाद खाज खुजली के लिए-

एलोवेरा का रस 1 किलो, गाय का घी 4 किलो( गाय के घी के अभाव में भैंस का घी), तथा जल 16 किलो इन सभी को अच्छी तरह से मिला ले| फिर इसमें त्रिकूट- सौठ, मिर्च, पीपल, इन तीनों का समभाग) और एलोवेरा रस में पिसा हुआ 240 ग्राम कलक मिला लें| इसके बाद इस मिश्रण को मंदाकिनी पर घी सिद्ध कर ले|
इस घी सवेरे -शाम  6 ग्राम की मात्रा में भोजन से पहले ग्रास के साथ ले| इससे रक्त की अशुद्धि, उधर की अशुद्धि, त्वचा रोग  क्रीमी, मधुमेह ,मासिक धर्म की खराबी, दाद- खुजली, कुष्ठ , जीर्ण ज्वर, स्वास अपस्मार आदि रोगों में लाभ होगा|

4.मासिक धर्म में-

घृतकुमारी सार 50 ग्राम, कशिश 37.5 ग्राम, दालचीनी 25 ग्राम छोटी इलायची के दाने 25 ग्राम , सौठ 25 ग्राम, इन सभी को मिलाकर कूट लें| फिर इस मिश्रण मैं 100 ग्राम गुलकंद मिलाकर खरल में खूब घोटे| इसके बाद इस मिश्रण की मटर के बराबर गोलियां बना लें| एक से तीन गोलियां सुबह-शाम ताजे पानी से लें| जिन दिनों मासिक स्राव हो तब यह औषधि ना ले|

इस औषधि की वट को उपयुक्त मात्रा एवं अनुपात में कुछ मास निरंतर लेते रहने से स्त्री रोगों में बहुत लाभ होता है| यह अति रज:  स्राव, वेदन सहित मासिक स्राव , अल्प्  मासिक स्राव   आदि अनेकोंं स्त्री रोगों को ठीक करने में लाभ मिलता है|
इस औषधि का सेवन करने से स्त्री के शरीर में रक्त की वृद्धि होती है तथा शरीर का पीलापन कम होता है|

5. मोटापा दूर करने के लिए-

एलोवेरा के रस का सेवन सुबह-सुबह खाली पेट करने से मोटापा कम होता है तथा चेहरे पर चमक बनी रहती है| तथा एलोवेरा के रस का सेवन करने से शरीर की कोशिकाएं मजबूत तथा नई बनी रहती हैं |जिससे व्यक्ति लंबे समय तक युवा दिखता है| 

6. चेहरे के दाग धब्बे दूर करने के लिए-

सबसे पहले एलोवेरा को स्वच्छ पानी से धोकर उसके टुकड़ों को को काट के साफ थाली में रख ले! जिससे उसका jeal( लारनूमा पदार्थ) बाहर निकल जाता है| उस 'जेल' को अपने चेहरे पर लगा कर 5 मिनट तक छोड़ दे उसके बाद अपने चेहरे को साफ पानी से धो लें| ऐसा कुछ हफ्तों तक करने पर  दाग धब्बे ठीक हो जाते हैं|

7. वायुविकार एवं कमर दर्द के लिए-

एलोवेरा का 500 ग्राम गोदा और देसी घी 500 ग्राम- दोनों को भूनकर लाल कर ले| जिससे एलोवेरा का रस घी में मिल 
जाएगा| अब  गूदा अलग करके इस घी में 300 ग्राम गेहूं का आटा डालकर धीमी आंच पर भूनें| बाद में इसमें पिसी हुई चीनी मिला दे और फिर इसके मोदक बना ले| एक मोदक दूध के साथ प्रतिदिन खाएं| यह औषधि पौष्टिकता तथा पाचन क्रिया को सुधारने वाली है| इससे भूख बढ़ती है तथा वायु विकार एवं कमर दर्द दूर होते हैं|

8. विषम ज्वर ( अधिक बुखार) में-

एलोवेरा के पौधे की जड़ पीस लें इसका 10 से 12 ग्राम चूर्ण गुनगुने पानी में मिलाकर ले| इससे वमन हो जाएगा जिससे विषम ज्वर में लाभ मिलेगा|

9. कटीशूल के लिए-

एलोवेरा को 12 - 14 ग्राम मधु तथा 1 ग्राम सोंठ के चूर्ण में मिलाकर दिन में दो चार बार लेना चाहिए| इससे कटीशूल में आराम मिलता है|

10. जलने पर -

शरीर का यदि कोई अंग जल जाए तो एलोवेरा का प्रयोग बहुत फायदेमंद है| इस पौधे के पत्ते को तोड़कर उनमें से निकलने वाले लेशदार द्रव्य पदार्थ को जले स्थान पर लगा दे| इससे जलन शांत हो जाती है और फफोले नहीं उठते|

11. फोड़े तथा घाव  में-

फोड़े तथा घाव  पर एलोवेरा के पत्तों का गूदा (सहने योग्य) गर्म करके बांधते हैं और बदलते रहते हैं| यदि फोड़ा पकने पर हो तो ऐसा करने से पककर फूट जाएगा| फूट जाने पर इसी गूदे में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर बांध दें इससे घाव जल्दी ठीक हो जाता है अगर फोड़े को पकाना हो तो एलोवेरा के गूदे में थोड़ा सज्जी खार तथा पिसी हल्दी मिलाकर उस पर बांध दे|
इससे फोड़ा जल्दी भरकर फूट जाएगा|

निर्देश-

एलोवेरा आयुर्वेदिक औषधियों में श्रेष्ठ मानी जाती है| अतः इसका प्रयोग करने से किसी भी प्रकार का साइड इफेक्ट या कोई भी हानि नहीं है| अतः उपयुक्त जानकारी प्राप्त होने पर ही इसका प्रयोग करें|
                   
                                     Composed by
                                   Narendra kumar

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